हल्द्वानी: उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर ऊर्जा निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। निगम ने केंद्र सरकार के अप्रैल 2026 के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर उपभोक्ताओं को नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि 48 घंटे के भीतर स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
ऊर्जा निगम प्रदेशभर में पुराने बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चला रहा है। हालांकि कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के विरोध के कारण मीटर बदलने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर मीटर बदलने पहुंचे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की स्थिति भी सामने आई है।
48 घंटे की मोहलत, फिर कटेगा कनेक्शन
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार जिन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध है, वहां स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। इसी आधार पर उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर 48 घंटे का समय दिया जा रहा है। निर्धारित अवधि के बाद भी यदि उपभोक्ता मीटर बदलने का विरोध करते हैं तो उनका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है।
स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ा विरोध
स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले का कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन विरोध कर रहे हैं।
पार्षद मुकुल बल्यूटिया ने आरोप लगाया कि सरकारी सेवाओं को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है और निजी कंपनियों के मीटर लगाने के लिए लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है।
वहीं ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष गोपाल अधिकारी का कहना है कि जब तक स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शंकाओं और समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक इसका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधानों ने सामूहिक प्रस्ताव भी पारित किया है।
युवा कांग्रेस नेता हेमंत साहू ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ गए हैं। उन्होंने विभाग की कार्रवाई का विरोध करने की बात कही।
पुलिस और प्रशासन से मांगी सुरक्षा
ऊर्जा निगम ने मीटर बदलने के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा है। विभाग का कहना है कि कई स्थानों पर विरोध के कारण कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
सुभाष नगर में चलेगा विशेष अभियान
ऊर्जा निगम ने बकायेदारों और पुराने या खराब मीटर वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि बुधवार को सुभाष नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, नोटिस वितरित किए जाएंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ऊर्जा निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे विभागीय टीमों का सहयोग करें और स्मार्ट मीटर स्थापना की प्रक्रिया में बाधा न डालें
