देहरादून। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने 25 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज उपलब्ध कराकर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में मदद करते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) उत्तराखंड अजय सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उसका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिया तथा उसकी कंपनी के बैंक खाते से करीब 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
डेटा विश्लेषण से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के निर्देश पर साइबर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की विस्तृत जांच की। बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और मेटा सहित विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त डेटा के विश्लेषण के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की।
निरीक्षक आशीष गुसांई के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम 14 जून को पश्चिम बंगाल रवाना हुई। मुखबिर की सूचना पर 18 जून को रानाघाट क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग विवरण उपलब्ध कराते थे तथा इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके डेबिट कार्ड और सिम कार्ड साइबर ठगों तक पहुंचाते थे। एक आरोपी ने अपने नाम से भी कई बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
आरोपी तपन बिस्वास साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध बैंक खातों के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
आरोपी उत्तम कुमार दास के बैंक खाते में पीड़ित की ठगी गई रकम दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के प्रमाण मिले हैं।
दोनों आरोपी संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करते थे।
गिरफ्तार आरोपी
1. तपन बिस्वास पुत्र कल्पनाथ बिस्वास, निवासी खामरकल्ला, थाना गोपालनगर, जिला नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।
2. उत्तम कुमार दास पुत्र सत्यरंजन दास, निवासी पल्ला बेल्टा, थाना गोपालनगर, जिला नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।
बरामद सामग्री
विभिन्न बैंकों के 13 डेबिट/एटीएम कार्ड
03 मोबाइल फोन
विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड एवं सिम कवर
बैंक खातों से संबंधित पासबुक, चेकबुक एवं ब्लैंक चेक
विभिन्न बैंकों के खाता खोलने के फॉर्म एवं अन्य दस्तावेज
एसटीएफ की अपील
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, सिम कार्ड या बैंकिंग दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। ऐसे मामलों में सहयोग करने वाले लोग भी साइबर अपराध में सहभागी माने जाते हैं और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत लगातार जारी है कार्रवाई
उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हो सकती हैं और जांच जारी है।
