रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा के बीच मंगलवार को रुद्रप्रयाग में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब खराब मौसम के कारण दो हेलीकॉप्टरों को अगस्त्यमुनि खेल मैदान में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। गनीमत रही कि दोनों हेलीकॉप्टरों में सवार पायलट समेत सभी 10 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के मुताबिक, पहला हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ से सेरसी की ओर जा रहा था, जबकि दूसरा देहरादून से फाटा के लिए उड़ान पर था। सुबह करीब 11:30 बजे गुप्तकाशी और ऊखीमठ क्षेत्र में अचानक मौसम खराब हो गया। आसमान में घने बादल छाने और विजिबिलिटी कम होने के बाद पायलटों ने सुरक्षा को देखते हुए ATC से संपर्क कर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
एटीसी के निर्देश पर दोनों हेलीकॉप्टरों को अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान में सुरक्षित उतारा गया। बद्रीनाथ वाले हेलीकॉप्टर में पायलट समेत 6 यात्री और देहरादून वाले हेलीकॉप्टर में पायलट समेत 4 यात्री सवार थे।
मौके पर पहुंचा प्रशासन
इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना मिलते ही एसडीएम रुद्रप्रयाग, कोतवाली पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम तुरंत अगस्त्यमुनि मैदान पहुंची। अधिकारियों ने यात्रियों का हाल जाना और उन्हें पानी-जलपान उपलब्ध कराया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बताया गया है। किसी को कोई चोट नहीं आई।
करीब डेढ़ घंटे तक दोनों हेलीकॉप्टर मैदान में खड़े रहे। दोपहर बाद मौसम साफ होने और एटीसी से क्लीयरेंस मिलने के बाद दोनों ने सुरक्षित टेकऑफ कर लिया और अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
पहाड़ में मौसम बना चुनौती
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं मौसम पर निर्भर रहती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पल-पल मौसम बदलता है। बादल, कोहरा और तेज हवाओं के कारण विजिबिलिटी जीरो हो जाती है। ऐसे में पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
DGCA के नियमों के तहत खराब मौसम में विजिबिलिटी 5 किमी से कम होने पर उड़ान रोक दी जाती है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
क्या कहते हैं अधिकारी
SDM रुद्रप्रयाग ने कहा, “पायलटों ने समय रहते सही फैसला लिया। सभी यात्री सुरक्षित हैं। मौसम विभाग से लगातार अपडेट लिया जा रहा है।”
फिलहाल चारधाम रूट पर हेलीकॉप्टर सेवाएं सामान्य हैं, लेकिन मौसम पर नजर रखी जा रही है।
यात्रा एडवाइजरी:
1. हेलीकॉप्टर बुकिंग से पहले मौसम का अपडेट जरूर लें
2. उड़ान में देरी या रद्द होने की स्थिति में धैर्य रखें
3. प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
