देहरादून। राजधानी देहरादून जिले के हर्रावाला में मंगलवार को परिवहन विभाग के दफ्तर में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब नाराज व्यापारियों ने एक परिवहन इंस्पेक्टर को ऑफिस में ही कैद कर दिया। आरोप है कि इंस्पेक्टर द्वारा वाहनों के चालान और परमिट को लेकर मनमानी की जा रही थी, जिससे व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश था।
जानकारी के मुताबिक, मामला आरटीओ कार्यालय परिसर का है। ट्रांसपोर्ट यूनियन से जुड़े दर्जनों व्यापारी और वाहन स्वामी सुबह से ही कार्यालय पहुंचे थे। व्यापारियों का आरोप था कि इंस्पेक्टर राजीव कुमार द्वारा छोटे-छोटे मामलों में भारी-भरकम चालान काटे जा रहे हैं। परमिट नवीनीकरण और फिटनेस के नाम पर भी अनावश्यक आपत्ति लगाकर काम लटकाया जा रहा है।
दोपहर करीब 12 बजे व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इंस्पेक्टर राजीव कुमार के कार्यालय का घेराव कर दिया और उन्हें बाहर से कुंडी लगाकर कमरे में बंद कर दिया। इस दौरान कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी हुई। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर द्वारा कमीशनखोरी और उत्पीड़न किया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही सीओ डालनवाला और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने व्यापारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और इंस्पेक्टर को कार्यालय से बाहर निकाला।
ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा, “हमारी कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। इंस्पेक्टर जानबूझकर व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा।”
वहीं, आरटीओ अधिकारी दिनेश पठोई ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “इंस्पेक्टर को कैद करना गलत है। व्यापारियों की शिकायतें सुनी जाएंगी और जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।”
इंस्पेक्टर बोले- मैं तो रस मलाई खाने गया था
वहीं परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर ने रिश्वत लेने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
इंस्पेक्टर का कहना है कि वह मौके पर किसी वसूली के लिए नहीं गए थे, बल्कि लघु शौच के लिए वहां रुके थे। इसी दौरान ट्रैवल कारोबारी ने उन्हें अंदर बुलाकर रस मलाई खाने के लिए कहा।
इंस्पेक्टर के मुताबिक वह अंदर बैठकर रस मलाई खा रहे थे, तभी कारोबारी ने बाहर से शटर बंद कर दिया।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
