देहरादून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स ने नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन फेक पिल” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन नकली दवाइयों की बिक्री करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। STF ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के नाम से बेची जा रही नकली जीवन रक्षक दवाइयां बरामद की हैं।

STF के अनुसार यह गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तराखण्ड समेत कई राज्यों में फेसबुक पेज और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाइयां बेच रहा था। गिरोह फर्जी सिम कार्ड के जरिए आपस में संपर्क में रहता था।

 

मुख्यमंत्री के ड्रग्स फ्री अभियान के तहत कार्रवाई:

माननीय मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर STF को नकली दवाओं के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद STF ने बीते दो माह से इस गिरोह पर नजर रखी हुई थी।

जांच के दौरान पता चला कि “एसके हेल्थ केयर” नामक फेसबुक पेज के माध्यम से Sun Pharma, Mankind, Zydus, Glenmark, Torrent, Macleods समेत कई बड़ी कंपनियों की दवाइयों की हूबहू नकली कॉपी बनाकर आधे से भी कम दाम पर ऑनलाइन बेची जा रही थीं।

 

ऐसे चलता था नकली दवाइयों का नेटवर्क:

STF के अनुसार गिरोह ब्रांडेड कंपनियों की पैकिंग और लेबल की नकल कर नकली दवाइयां तैयार करता था। इसके बाद उन्हें असली दवा बताकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और कुछ लालची दवा विक्रेताओं के जरिए बाजार में बेचा जाता था। जांच में सामने आया कि ये दवाइयां लैब टेस्ट में फेल हो जाती हैं और इनके सेवन से मरीजों की जान तक खतरे में पड़ सकती है।

 

रुड़की और कोटद्वार में भी कार्रवाई:

पूछताछ में आरोपी गौरव त्यागी ने बताया कि रुड़की में उसकी नकली दवा फैक्ट्री पहले भी पकड़ी जा चुकी है। वर्तमान में वह भगवानपुर हरिद्वार क्षेत्र में अलग-अलग ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाइयां तैयार कर रहा था। इसके अलावा कोटद्वार SIDCUL क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्ट्री को जरूरत पड़ने पर खोलकर वहां भी नकली दवा बनाई जाती थी।

सूचना के आधार पर STF और ड्रग विभाग की टीमों ने रुड़की और कोटद्वार स्थित फैक्ट्रियों में छापेमारी शुरू कर दी है। कोटद्वार स्थित फैक्ट्री को सीज करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

 

बरामदगी:

STF ने काल्पनिक ग्राहक बनकर आरोपियों से नकली दवाइयां मंगवाईं, जिनमें—

Gudcef Plus के 22 बॉक्स (Mankind कंपनी के नाम पर)

Tydol 100 के 10 बॉक्स (Sun Pharma कंपनी के नाम पर)

बरामद किए गए। ये पार्सल गया और वाराणसी से देहरादून कोरियर के माध्यम से भेजे गए थे।

 

गिरफ्तार आरोपी:

जतिन सैनी निवासी बेगम सराय, जनपद सम्भल, उत्तर प्रदेश

गौरव त्यागी निवासी साईं लोक, जीएमएस रोड, देहरादून (मूल निवासी खरखौदा, मेरठ)

पहले भी दर्ज हैं मुकदमे

STF के मुताबिक आरोपी गौरव त्यागी के खिलाफ नकली दवाइयों से जुड़े तीन अन्य मुकदमे हरिद्वार, देहरादून और महाराष्ट्र में पहले से दर्ज हैं। अन्य राज्यों से भी उसका आपराधिक रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है।

 

आम जनता से STF की अपील:

STF ने लोगों से अपील की है कि—

बिना बिल के दवाई न खरीदें।

अत्यधिक छूट के लालच में नकली दवा खरीदने से बचें।

दवा विक्रेता केवल अधिकृत और विश्वसनीय थोक विक्रेताओं से ही दवाई खरीदें।

नकली दवा बेचने वालों की सूचना तुरंत STF और ड्रग विभाग को दें।

 

STF हेल्पलाइन नंबर: 0135-2656202, 9412029536

(सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा)

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