देहरादून: उत्तराखंड के खेल जगत के लिए एक और दुखद खबर सामने आई है। विश्वविख्यात निशानेबाज स्वर्गीय जसपाल राणा की माता श्यामा देवी राणा का लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। वह 78 वर्ष की थीं। उनके निधन से राणा परिवार के साथ-साथ खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, श्यामा देवी पिछले कई दिनों से सैन्य अस्पताल में भर्ती थीं। इसी दौरान 12 जून को उनके बेटे और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा का निधन हो गया था। उस समय उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उन्हें बेटे के निधन की जानकारी नहीं दी थी।
बताया जा रहा है कि संयोगवश 28 जून, जिस दिन श्यामा देवी का निधन हुआ, उसी दिन यदि जसपाल राणा जीवित होते तो अपना 50वां जन्मदिन मना रहे होते।
राणा परिवार के करीबी प्रदीप कवि बिट्टू ने बताया कि श्यामा देवी का अंतिम संस्कार सोमवार को टिहरी जनपद के नैनबाग स्थित यमुना तट पर किया जाएगा। वह उत्तराखंड के पूर्व खेल मंत्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित नारायण सिंह राणा की पत्नी थीं।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्यामा देवी राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुःखद समाचार है और इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
दो सप्ताह में परिवार पर टूटा दूसरा बड़ा दुख
गौरतलब है कि 12 जून को अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा का नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया था। उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई और कोच के रूप में भी कई खिलाड़ियों को तैयार किया। अब महज दो सप्ताह के भीतर उनकी माता के निधन से राणा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
