देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। शनिवार को होने वाली परेड में 481 भारतीय कैडेट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल होंगे। वहीं, 16 मित्र देशों के 34 ऑफिसर कैडेट भी प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देशों की सेनाओं का हिस्सा बनेंगे। कुल 515 कैडेट आईएमए के ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते नजर आएंगे। परेड की सलामी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु लेंगी।
पहली बार महिला कैडेट होंगी पास आउट
आईएमए के 93 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनेंगी। नौ महिला कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होकर इतिहास रचेंगी। पहली बार महिला और पुरुष कैडेट एक साथ ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते नजर आएंगे।
2022 में एनडीए में हुआ था पहला प्रवेश
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अगस्त 2022 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में महिला कैडेटों के पहले बैच ने प्रवेश लिया था। तीन साल के सैन्य और अकादमिक प्रशिक्षण के बाद मई 2025 में महिला कैडेट स्नातक हुईं। इनमें से नौ कैडेटों ने भारतीय थल सेना में सेवा देने का विकल्प चुना और आगे के प्रशिक्षण के लिए आईएमए पहुंचीं।
पुरुष कैडेटों के साथ एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये नौ महिला कैडेट भारतीय सेना में स्थायी कमीशन प्राप्त कर अधिकारी बनने जा रही हैं।
93 साल के इतिहास में जुड़ने जा रहा नया अध्याय
1932 में स्थापना के बाद से आईएमए से केवल पुरुष कैडेट ही सैन्य अधिकारी बनकर निकलते रहे हैं। पहली बार महिला कैडेटों का पास आउट होना अकादमी के इतिहास में एक नया अध्याय माना जा रहा है। यह भारतीय सेना में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सेना में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी
अब तक महिलाएं मुख्य रूप से चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए), सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के माध्यम से सेना में शामिल होती रही हैं। शुरुआत में महिलाओं को शॉर्ट सर्विस कमीशन मिलता था, लेकिन बाद में स्थायी कमीशन का मार्ग भी खुला। एनडीए के माध्यम से आईएमए से स्थायी कमीशन प्राप्त करना महिलाओं की सैन्य भागीदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
आरआईएमसी में भी तैयार हो रही हैं बालिका कैडेट
देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) में भी बालिका कैडेट प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। लड़कियों के प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद यहां उनका प्रशिक्षण जारी है। भविष्य में आरआईएमसी से भी छात्राओं का पहला बैच एनडीए के माध्यम से सेना में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
