देहरादून। देश में गहराते एलपीजी संकट का असर अब उत्तराखंड में भी दिखाई देने लगा है। संभावित स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों की तत्काल तैनाती कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य राज्य में खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना और किसी भी संभावित संकट से समय रहते निपटना है।
आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर रहेगी नजर
सरकारी आदेश के अनुसार तैनात की गई टीम प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखेगी। यह टीम सप्लाई चेन और वितरण व्यवस्था का नियमित विश्लेषण करेगी, ताकि किसी भी तरह की कमी या बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।
इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके और आवश्यक कदम तुरंत उठाए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोगों को किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।
पश्चिम एशिया के संघर्ष से प्रभावित गैस आपूर्ति
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर उत्तराखंड के प्रमुख शहरों देहरादून, मसूरी और नैनीताल में देखने को मिल रहा है, जहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।
इस स्थिति के चलते होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर किचन बंद होने की स्थिति बन गई है। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले आई इस किल्लत ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
अस्पताल और स्कूलों को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने गैस वितरण के लिए एक प्राथमिकता सूची तैयार की है। इसके तहत एम्स और अन्य अस्पतालों के साथ-साथ स्कूलों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए फिलहाल कमर्शियल गैस सप्लाई पर कुछ पाबंदियां भी लगाई गई हैं।
जरूरत पड़ने पर ‘लकड़ी’ का विकल्प
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने निर्देश दिए हैं कि यदि गैस संकट और गहराता है तो व्यावसायिक गतिविधियों के लिए वैकल्पिक ईंधन के रूप में लकड़ी उपलब्ध कराई जा सकती है।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आपातकालीन परिचालन केंद्र में विशेषज्ञों की तैनाती से अब राज्यभर की स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकेगा और किसी भी समस्या का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।
