चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद बृहस्पतिवार को निहंग सिखों का जत्था कुल्हाल बैरियर तोड़कर उत्तराखंड की सीमा में घुस गया। इनमें से कई देर रात देहरादून के धर्मावाला की ओर बढ़ रहे थे, कुछ निहंग तलवारें लहराकर जत्थे का नेतृत्व कर रहे थे, इन्हें रोकने के लिए पूरे जिले की पुलिस और अन्य फोर्स मौके पर तैनात थी। लेकिन रात एक बजे तक वह प्रेमनगर नहीं पहुंचे थे, उनकी लोकेशन पुलिस को भी नही पता थी। हालांकि अब मिली जानकारी के अनुसार देर रात सभी लोगों को वापस पांवटा साहिब की तरफ़ भेज दिया गया
चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड के लिए कूच कर रहे करीब 200 निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने कुल्हाल चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोका था। इसके बाद पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब दो घंटे तक प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद कुछ निहंग लौट गए, जबकि 20 से 30 निहंग कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, यहां कई घंटे तक तनातनी चलती रही।
कुल्हाल बोर्ड पर कैसी स्थिती?
कुल्हाल में बेरिकेट्स लगा कर मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया है. कुल्हाल पांवटा साहिब पुल पर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है. यहां तक कि पांवटा साहिब बाजार वाले मार्ग से उत्तराखंड आने वाले वाहनों पर पूरी तरह रोक है. वैकल्पिक तौर पर फोरलेन हाइवे खुला है. पांवटा साहिब गुरुद्वारा में निहंग सिख भारी संख्या में मौजूद है. देर रात मोहाली चंडीगढ़ से निहंग सिखों के और वाहन पहुंचे थे. उत्तराखंड प्रशासन निहंगों के साथ 11 बजे बैठक कर सकता है.
देर रात हुआ बवाल
देर रात पांवटा साहिब गुरुद्वारा में कई घंटे चली वार्ता के बाद भी निहंग सिख नहीं माने और उत्तराखंड की ओर कूच कर दिया. हालांकि, कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस ने पंजाब की ओर से आ रहे निहंगों के जत्थे को रोकने का प्रयास किया. सुरक्षा के मद्देनजर सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन स्थिति देखते ही देखते नियंत्रण से बाहर हो गई. बॉर्डर पर रोके जाने से नाराज निहंगों का आक्रोश उग्र हो उठा. उन्होंने फोरलेन हाईवे के रास्ते उत्तराखंड में जबरन दाखिल होने का प्रयास किया. इस दौरान निहंगों ने पुलिस द्वारा हाईवे पर लगाए गए मजबूत बैरिकेड्स को बेरहमी से तोड़ दिया और उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर गए
