उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब राजनीतिक तूफान बन गया है. एक तरफ मंत्री ने पति पर प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ गिरधारी साहू की ओर से 210 करोड़ रुपये की कथित बेनामी संपत्ति और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने से मामला और गंभीर हो गया था. मगर, गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

 

बीते 15 अक्तूबर को उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. उन्होंने मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए हैं. वहीं गिरधारी लाल साहू ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा था कि जिस ऑडियो के आधार पर उनपर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह एआई से तैयार किया गया है. उन्होंने सीएम धामी से पूरे मामले की जांच करने की अपील की है. साथ ही उन्होंने रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और उनकी संपत्ति की जांच की मांग की है. गिरधारी ने आरोप लगाया था कि रेखा आर्या के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है.

अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देते हुए गिरधारी लाल साहू ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. याचिका में उन्होंने एफआईआर को निरस्त करने के साथ ही गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी. याचिकाकर्ता की ओर से दर्ज मुकदमे को लेकर राहत देने का अनुरोध किया गया था. हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को भी कहा था. सरकार का पक्ष सामने आने के बाद अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी.

 

कई दिनों से गायब गिरधारी को देहरादून पुलिस ने उत्तर प्रदेश के झांसी से पकड़ा है. पत्नी की शिकायत पर गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे. उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में लगातार दबिश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था. अब झांसी से

गिरफ्तारी के बाद इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है

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