लैंसडाउन में हाथी दांत गायब होने के मामले की जांच में चार वन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है.

देहरादून: लैंसडाउन वन प्रभाग के गोदाम से हाथी दांत गायब होने के मामले में जांच पूरी हो गई है. हरिद्वार डीएफओ की अध्यक्षता वाली कमेटी ने चार वनकर्मियों की लापरवाही पाई है. इनमें रेंजर, प्रभारी रेंजर, वन दारोगा और वन आरक्षी शामिल हैं. इसमें वन दारोगा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, जबकि बाकियों पर कार्रवाई विचाराधीन है. कमेटी ने सीसीटीवी और चौकीदार की तैनाती समेत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश भी की है.

 

लैंसडाउन वन प्रभाग के लालढांग रेंज में सरकारी गोदाम से हाथी के दांत गायब होने के मामले में विभागीय जांच पूरी हो गई है. हरिद्वार डीएफओ की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में वन विभाग के चार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने की बात कही है. इनमें रेंजर, प्रभारी रेंजर, वन दारोगा और वन आरक्षी शामिल हैं. कमेटी ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है. मामले में वन दारोगा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, जबकि बाकी तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विचार किया जा रहा है.

 

दरअसल, लैंसडाउन वन प्रभाग के गोदाम में सुरक्षित रखे गए हाथी के दांत गायब होने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था. वन्यजीव के महत्वपूर्ण अंगों की विभागीय अभिरक्षा में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए थे. मामला सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल जांच कमेटी गठित की थी. साथ ही इस मामले में पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, ताकि दांत गायब होने की घटना की आपराधिक पहलू से भी जांच हो सके

 

खास बात यह है कि यह पूरा मामला तब सामने आया जब वन मुख्यालय ने राज्य भर में वन्य जीव अंगों की मौजूदगी को लेकर सत्यापन करने के निर्देश दिए, इसमें हाथी दांत की गिनती रिकॉर्ड में होने लगी तो पता चला लालढांग रेंज में गोदाम से कई दांत गायब थे. खास बात यह है कि तमाम निरीक्षण करने के बाद भी अब तक इनका कुछ पता नहीं चल पाया है.

 

जांच पूरी हो चुकी है. जांच रिपोर्ट गढ़वाल चीफ को सौंपी दी गई है. फिलहाल विभागीय प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

राजीव धीमान, कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट शिवालिक-

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