आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (NEET-UG) पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को उत्तराखंड सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने परीक्षार्थियों के लिए सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा।
मंगलवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के साथ परीक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है, ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा पर जोर
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और पेपर लीक जैसी घटनाओं से मुक्त होनी चाहिए। इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी जिलों में पार्किंग, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने छात्रों से की अपील
केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने भी छात्रों से परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर परीक्षा को सुरक्षित बनाने की दिशा में व्यापक तैयारियां की गई हैं।
वायु सेना की मदद से पहुंच सकते हैं प्रश्नपत्र
सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए Indian Air Force की मदद भी ली जा सकती है। पेपर लीक विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।
551 शहरों में होगी परीक्षा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के अनुसार, 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा देश और विदेश के कुल 551 शहरों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए 5,435 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें भारत के बाहर स्थित 14 केंद्र भी शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इस बार परीक्षा के प्रत्येक चरण की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
