उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से रविवार 8 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत हो रही है। इस राज्यव्यापी अभियान के तहत 11,733 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और गणना प्रपत्र (एनुमरेशन फॉर्म) वितरित कर उन्हें भरवाएंगे।
निर्वाचन विभाग के अनुसार यह अभियान 7 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। यदि कोई मतदाता घर पर नहीं मिलता है तो बीएलओ उसे खोजने के लिए तीन बार तक दौरा करेंगे। हर बार अनुपस्थिति की स्थिति में बीएलओ संबंधित घर पर अगली विजिट की तारीख और अपना मोबाइल नंबर लिखकर स्टीकर भी चस्पा करेंगे।
‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा शुरू
मतदाताओं की सुविधा के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ फीचर भी शुरू किया है। इसके माध्यम से मतदाता ऑनलाइन अपने बीएलओ से संपर्क कर सकेंगे। इसके लिए मतदाता निर्वाचन आयोग के पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के बाद दो दिनों के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता से संपर्क करेगा।
ऑनलाइन उपलब्ध है पुरानी वोटर लिस्ट
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, नाम, पिता या पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक और बूथ संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा गली, मोहल्ले और क्षेत्रवार भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा उपलब्ध है।
ऐसे चलेगा पूरा कार्यक्रम
8 जून से 7 जुलाई: घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरण और संग्रहण
14 जुलाई: प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन
14 जुलाई से 13 अगस्त: दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
11 सितंबर तक: दावे-आपत्तियों का निस्तारण
15 सितंबर: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ को सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाया जा सके।
