ऋषिकेश। राजपुर रोड में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की रोडरेज में मौत के बाद सरकार ने प्रदेशभर में ऑपरेशन प्रहार चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बाहरी लोगों का सत्यापन और पहचान की जा रही है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर खुलासे कर रही है। सात दिन पहले देहरादून के प्रेमनगर से एक आईएसआई एजेंट पकड़ा गया था, जिसका कनेक्शन पाक आतंकी शहजाद भट्टी और तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान से जुड़ा बताया गया था। अब ऋषिकेश से एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया गया है।
ऑपरेशन प्रहार के तहत उत्तराखंड पुलिस और एलआईयू की टीम ने बुधवार को ऋषिकेश से बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार महिला सीमापार से अवैध घुसपैठ कर दिल्ली होते हुए 13 अप्रैल को ऋषिकेश पहुंची थी। बताया गया है कि वह करीब एक माह पहले बांग्लादेश बॉर्डर पार कर भारत आई थी।
फर्जी दस्तावेज बरामद
तलाशी के दौरान महिला के पास से बांग्लादेश का पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी, मोबाइल फोन और बांग्लादेश का फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ। महिला को बॉर्डर पार कराकर ऋषिकेश तक पहुंचाने वाला रिपोन नामक शख्स फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
चारधाम ट्रांजिट सेंटर के पास से गिरफ्तारी
कोतवाल कैलास चंद्र भट्ट के अनुसार, लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) को गोपनीय सूचना मिली थी कि एक बांग्लादेशी महिला ऋषिकेश क्षेत्र में रह रही है। सूचना के बाद एलआईयू और ऋषिकेश पुलिस की टीम महिला की तलाश में जुटी थी। बुधवार को पुलिस ने चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पीछे से गुजर रही सड़क पर घेराबंदी कर महिला को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता पत्नी जुलहस निवासी जिला सरियातपुर, बांग्लादेश के रूप में हुई है।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से रिपोन नामक भारतीय व्यक्ति के संपर्क में आई थी। उसी ने उसे रोजगार का लालच देकर बॉर्डर पार कराया। 13 अप्रैल को वह दिल्ली से बस के जरिए ऋषिकेश पहुंची थी। पुलिस रिपोन की तलाश में दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है।
