देहरादून। नर्सिंग एकता मंच के आंदोलन को उस वक्त बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला जब प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला सोमवार को आंदोलनकारियों के समर्थन में परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। नर्सिंग एकता मंच पिछले कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर परेड ग्राउंड में धरने पर बैठा है। मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज ज्योति रौतेला ने यह कदम उठाया।

जानकारी के मुताबिक, नर्सिंग एकता मंच नियमित नियुक्ति, वेतन विसंगति दूर करने, संविदा नर्सों को स्थायी करने और कार्यदशाओं में सुधार जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई बार ज्ञापन देने और वार्ता के आश्वासन के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया।

 

आज दोपहर अचानक महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला परेड ग्राउंड पहुंचीं और आंदोलनकारियों से मुलाकात के बाद सीधे पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ नर्सिंग स्टाफ की अनदेखी की जा रही है।

रौतेला ने कहा, “नर्सें दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं, कोरोना जैसी महामारी में इन्होंने जान की बाजी लगाई। लेकिन आज इन्हें अपने हक के लिए टंकियों पर चढ़ना पड़ रहा है। सरकार तुरंत इनकी मांगें माने, वरना कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।”

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम और सीओ सिटी ने टंकी के नीचे से ज्योति रौतेला और आंदोलनकारियों से वार्ता कर उन्हें नीचे उतरने की अपील की। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि नर्सिंग एकता मंच के प्रतिनिधियों की शासन स्तर पर जल्द वार्ता कराई जाएगी।

करीब दो घंटे बाद ज्योति रौतेला टंकी से नीचे उतरीं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और आंदोलनकारी मौके पर मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

क्या हैं प्रमुख मांगें:

1. संविदा और आउटसोर्स नर्सों को नियमित करना

2. समान कार्य-समान वेतन लागू करना

3. नर्सिंग अधिकारियों के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती

4. जोखिम भत्ता और नाइट ड्यूटी अलाउंस देना

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