रानीखेत। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य करन सिंह माहरा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश की मातृशक्ति के साथ विश्वासघात किया है और अब राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाया जा रहा है।

शनिवार को रानीखेत में पत्रकारों से बातचीत करते हुए माहरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रबल पक्षधर रही है। वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन एक्ट का कांग्रेस ने मजबूती से समर्थन किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने के बजाय इसे जनगणना और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं में उलझाकर टालने की रणनीति अपनाई है।

उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहती है तो वर्तमान लोकसभा सीटों के भीतर ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिखाए। माहरा ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, ताकि जनभावनाओं को भड़काकर सियासी लाभ लिया जा सके।

संसद में हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिसीमन और सीटों के पुनर्गठन से जुड़े संविधान संशोधन को इस तरह प्रस्तुत किया गया, मानो विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध कर रहा हो, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। कांग्रेस न केवल महिला आरक्षण के पक्ष में है, बल्कि वह चाहती है कि इसे बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

माहरा ने 16 अप्रैल 2026 को जारी नोटिफिकेशन का जिक्र करते हुए कहा कि इसे बड़े प्रचार अभियान के रूप में पेश किया गया, जिससे यह भ्रम पैदा किया जा सके कि महिला आरक्षण लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ज़मीनी हकीकत यह है कि महिलाओं को अभी तक वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

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