देहरादून। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जन समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें जिलाधिकारी के सामने रखीं। जन समाधान दिवस में 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतों पर समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करने के साथ शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश भी दिए।

 

विकासनगर की ग्राम पंचायत पापड़ियांन में वर्ष 2023 से 2026 के बीच आपदा मद से कराए गए कार्यों में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने गंभीरता से संज्ञान लिया। जिला विकास अधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को संयुक्त रूप से जांच कर 7 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को अभिलेखों, कराए गए कार्यों और संबंधित मद में हुए खर्च की जांच करने को कहा गया है।

 

वहीं, विकासनगर क्षेत्र के ग्राम झीवरहेड़ी में आबादी के बीच कथित रूप से अवैध तरीके से हैवी वेल्डिंग मशीनें लगाकर फैक्ट्री संचालित किए जाने की शिकायत पर डीएम ने संबंधित फैक्ट्री को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया था कि संबंधित स्थल औद्योगिक उपयोग के लिए वर्गीकृत नहीं है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन विभाग की आवश्यक एनओसी भी प्राप्त नहीं की गई थी।

 

मिहूवाला निवासी मोहम्मद शाहिद राव, खुर्शीदा बेगम और इकराम ने पैतृक भूमि पर कथित रूप से भूमाफियाओं द्वारा मारपीट कर कब्जा करने के प्रयास की शिकायत की। डीएम ने पुलिस विभाग को मामले की तथ्यात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

 

नगर निगम एवं ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण और निर्माण की शिकायत पर भी डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर और तहसीलदार सदर को जांच के निर्देश दिए। शिकायत में चार मंजिला मकान के निर्माण का आरोप भी लगाया गया है। अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर भूमि और निर्माण से जुड़े अभिलेखों की जांच करने तथा अतिक्रमण या अवैध निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।

 

दोनों पैरों में कृत्रिम अंग लगवाने के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने वाले शिकायतकर्ता सूर्य प्रकाश के मामले में भी डीएम ने तत्काल संज्ञान लिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ता को कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।

 

इसके अलावा विशेष बच्चे प्रिंस अग्रवाल के लतिका राय फाउंडेशन में प्रवेश से संबंधित शिकायत पर भी डीएम ने जांच के आदेश दिए। बच्चे के पिता एवं एकमात्र अभिभावक ने प्री-एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने की शिकायत की थी। डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को संयुक्त रूप से मामले की जांच कर 7 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चे के हित और उसके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

 

जन समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को उसके मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी दी जाए।

 

Spread the love
error: Content is protected !!