उत्तराखंड : उत्तराखंड में नए साल के पहले ही दिन भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्य मंत्री और समाजसेवी भगत राम कोठारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की मुख्य वजह अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सरकार और पार्टी की कार्यशैली से नाराजगी बताई जा रही है।
भगत राम कोठारी लंबे समय से जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अंकिता हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि यह मामला आज भी उत्तराखंड की राजनीति को झकझोर रहा है, लेकिन सरकार और पार्टी स्तर पर अपेक्षित संवेदनशीलता और ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
कोठारी ने भावुक बयान में कहा, “अंकिता हमारी बेटी है। यह मामला राज्य में महिलाओं की असुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। मैंने लगातार न्याय की मांग की, लेकिन पार्टी ने राजनीतिक सुविधा को प्राथमिकता दी। इसी कारण मुझे भारी मन से पार्टी छोड़ने का फैसला लेना पड़ा।”
उन्होंने सरकार पर जनता के मूल मुद्दों से कटने का आरोप भी लगाया। राज्य आंदोलनकारी होने के नाते कोठारी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा उत्तराखंड और यहां की जनता रही है और आगे भी वे जनहित की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
भगत राम कोठारी के इस्तीफे के बाद धामी सरकार और भाजपा के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। माना जा रहा है कि अंकिता हत्याकांड को लेकर बढ़ता असंतोष आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है।
