बागेश्वर:उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण बागेश्वर में तैनात परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने शुक्रवार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं, विजिलेंस की इस कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया.
10 से 15 हजार रुपए प्रति फाइल के हिसाब से मांग रहा था घूस:सतर्कता अधिष्ठान यानी विजिलेंस के मुताबिक, एक व्यक्ति ने सतर्कता अधिष्ठान में एक शिकायत की थी. जिसमें बताया था कि बागेश्वर में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग एजेंसी (उरेडा) में सोलर प्लांटों की जेआईआर (JIR) कार्यालय में काफी समय से लंबित है, जिसको करने के लिए परियोजना अधिकारी धीरेंद्र पटवाल की ओर से प्रति फाइल 10 से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है.
जागरूक शिकायतकर्ता ने घूस देने के बजाय कर दी शिकायत:शिकायतकर्ता ने आगे कहा था कि वर्तमान में उसकी 4 फाइलें लंबित हैं, जिसके लिए 40,000 रुपए की मांग की जा रही है, लेकिन वो रिश्वत के पैसे नहीं देना चाहता है. वो ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई चाहता है. यह शिकायत मिलते ही विजिलेंस की टीम एक्टिव हुई और मामले की जांच कराई. जिसके तहत प्रथम दृष्टया जांच में शिकायत सही पाई गई.
40 हजार रुपए की रिश्वत लेते परियोजना अधिकारी गिरफ्तार:इसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी की ओर निरीक्षक के नेतृत्व में तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया गया. जिसके तहत सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने आज यानी 24 जुलाई को आरोपी धीरेंद्र सिंह पटवाल पुत्र उदय सिंह पटवाल निवासी रामनगर (नैनीताल) को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया.
उरेडा में परियोजना अधिकारी के पद पर तैनात है आरोपी:बताया जा रहा है कि आरोपी धीरेंद्र सिंह पटवाल वर्तमान में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) बागेश्वर में परियोजना अधिकारी के पद पर तैनात है. अब मामले में विजिलेंस की ओर से अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है. इसके साथ विजिलेंस की टीम आरोपी के बारे में पूरी जांच पड़ताल कर रही है. वहीं, इस कार्रवाई से उरेडा कार्यालय में हड़कंप मंच गया.
