उत्तरकाशी: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा व्यवस्था बहाल होने की दिशा में बड़ी राहत मिली है। स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर बनाया गया नया बैली ब्रिज पूरी तरह तैयार हो गया है। विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार से इस पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है, जिससे यमुनोत्री धाम की यात्रा फिर से सुचारु होने की उम्मीद है।
भूस्खलन से क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग किमी 80+300 पर गैबियन सुरक्षा दीवार का निर्माण कर रहा है। विभाग के अनुसार यह कार्य अंतिम चरण में है और बुधवार तक इसे पूरा कर शाम तक मार्ग को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह हुई भारी बारिश के दौरान स्यानाचट्टी में भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। तब से एनएच विभाग की मशीनें और कर्मचारी लगातार मार्ग बहाली के कार्य में जुटे हुए हैं।
इधर, यमुना नदी का जलस्तर घटने के बाद स्यानाचट्टी क्षेत्र में राहत एवं सुरक्षा कार्यों में भी तेजी आ गई है। नदी के बढ़े बहाव और जमा मलबे से प्रभावित हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए दो पोकलेन मशीनों को नदी में उतारा गया है। मशीनों की मदद से नदी की धारा को व्यवस्थित किया जा रहा है, मलबा हटाया जा रहा है और बस्ती की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जलस्तर कम होने पर राहत जताई है। स्थानीय निवासी दिनेश राणा और विवेक राणा ने बताया कि नदी के बहाव का रुख बदलने से क्षेत्र में खतरा बढ़ गया था, लेकिन अब मशीनों की मदद से धारा को सुरक्षित दिशा दी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में बाढ़ और कटाव से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
