देहरादून। पहाड़ से लेकर मैदान तक पूरे उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इन घटनाओं में सबसे ज्यादा खतरा स्कूली बच्चों को बताया जा रहा है, जो रोजाना अकेले स्कूल आने-जाने के लिए मजबूर हैं। जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही से अभिभावकों में भी डर का माहौल बना हुआ है।
लगातार बढ़ रहे खतरे को लेकर , स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई जनपदों में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया है। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम भी किए गए हैं, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
वहीं वन विभाग के मुखिया ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जंगली जानवरों की संभावित आवाजाही वाले क्षेत्रों में पिंजरे लगाए जा रहे हैं और अतिरिक्त वन कर्मियों को फील्ड में तैनात किया गया है। इसके अलावा सभी प्रभागीय वन अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
वन विभाग का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
