उत्तराखंड: उत्तराखंड में आज आमजन को यातायात संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने सरकार की नीतियों के विरोध में गढ़वाल मंडल के सभी रूटों पर चक्काजाम करने का ऐलान किया है।
इस दौरान सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बस, टैक्सी और मैक्सी वाहन नहीं चलेंगे।

हालांकि, जरूरी सेवाओं के लिए स्कूल बसों, एंबुलेंस और दूध वाहनों को छूट दी गई है ताकि आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित न हो।

वार्ता नाकाम, महासंघ का बड़ा कदम

मंगलवार को ऋषिकेश स्थित टीजीएमओ मुख्यालय में परिवहन महासंघ की अहम बैठक हुई।
बैठक में ट्रक यूनियन, टैक्सी यूनियन और अन्य परिवहन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि परिवहन विभाग के अधिकारियों से वार्ता विफल रहने के बाद ही यह कदम उठाया गया।

बैठक के दौरान एआरटीओ प्रशासन आरएस कटारिया और एआरटीओ पवर्तन रश्मि पंत ने वार्ता की, लेकिन जब महासंघ ने लिखित आश्वासन मांगा, तो कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद सर्वसम्मति से आज चक्काजाम का निर्णय लिया गया।

सात सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध

महासंघ की सात प्रमुख मांगें —

•हर साल 5% टैक्स बढ़ाने का विरोध।

•किराया बढ़ाए बिना टैक्स वृद्धि रोकने की मांग।

•लालतप्पड़ की जगह एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस जांच की सुविधा।

•आपदा के चलते हुए नुकसान की भरपाई के लिए दो साल का टैक्स माफ किया जाए।

•चालक-परिचालकों को आर्थिक सहायता दी जाए।

•बाहरी राज्यों के वाहनों पर समान नियम लागू हों।

•पुराने वाहनों के लिए टैक्स माफी की नई नीति बनाई जाए।

प्रमुख नेता और संगठन जुड़े

बैठक में संजय शास्त्री (संयोजक), भूपाल सिंह नेगी (संयुक्त रोटेशन अध्यक्ष), जितेंद्र नेगी (टीजीएमओ अध्यक्ष), दिनेश बहुगुणा (ट्रक यूनियन अध्यक्ष) और हेमंत डंग (टैक्सी-मैक्सी यूनियन अध्यक्ष) शामिल रहे।

यात्रियों को भारी परेशानी

चक्काजाम के चलते देहरादून, ऋषिकेश, पौड़ी, टिहरी, श्रीनगर और श्रीकोट सहित कई क्षेत्रों में यात्रियों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।
बस और टैक्सी सेवाएं बंद होने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं।

प्रशासन ने अपील की है कि लोग आज अनावश्यक यात्रा से बचें और जरूरी कामों के लिए वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें।

Spread the love
error: Content is protected !!