हरिद्वार: उत्तराखंड के रुड़की से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-12 में तीसरी कक्षा का एक छात्र करीब चार घंटे तक कक्षा में बंद रहा। बच्चे की रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्कूल का ताला खुलवाया और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के अंबर तालाब स्थित सरकारी स्कूल की है। जानकारी के अनुसार, तीसरी कक्षा का छात्र नयन स्कूल की छुट्टी के बाद गलती से कक्षा में ही रह गया। स्टाफ और शिक्षिकाओं ने यह जांच तक नहीं की कि सभी बच्चे बाहर निकल गए हैं या नहीं और मुख्य द्वार बंद कर दिया।
शाम होते-होते जब आसपास के लोगों ने स्कूल भवन से बच्चे के रोने की आवाज सुनी, तो वहां हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्कूल का दरवाजा खुलवाया। अंदर से बच्चा सहमा हुआ और रोते हुए मिला। बताया जा रहा है कि नयन लगभग चार घंटे तक कक्षा में बंद रहा था।
इधर, बच्चे के परिजन भी उसकी तलाश में परेशान थे। सूचना मिलते ही वे स्कूल पहुंचे और बेटे को देखकर भावुक हो उठे। स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अभिषेक शुक्ला ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की जांच कराई जा रही है और दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
घटना के बाद क्षेत्र में अभिभावकों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं, इसलिए स्कूल प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए जाने जरूरी हैं।
