ऋषिकेश। उत्तराखंड की तीर्थनगरी ऋषिकेश में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के गंभीर मामले में रानीपोखरी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी मृत व्यक्तियों के परिजनों द्वारा फेंके गए रजाई–गद्दों से रुई निकालकर उसे नई रुई में मिलाकर बाजार में बेच रहे थे।
रानीपोखरी थाना प्रभारी विकेंद्र चौधरी ने रविवार को बताया कि दांडी, रानीपोखरी निवासी अमित सिंह की तहरीर पर इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि ऋषिकेश क्षेत्र में कुछ युवक मृतकों के बिस्तरों को एकत्र कर उनसे रुई निकालते हैं और उसे नई रुई में मिलाकर बेचते हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
दुकान पर छापेमारी, आरोप सही पाए गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रविवार को रानीपोखरी चौक स्थित एक दुकान पर छापेमारी की। जांच और पूछताछ के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के निवासी सलमान (24), उसके पिता हामिद अली (55) और ऋषिकेश निवासी संजय (35) के रूप में हुई है। संजय पर पुराने रजाई–गद्दों को एकत्र कर सलमान और हामिद को बेचने का आरोप है।
अंतिम संस्कार के बाद फेंके गए बिस्तरों को उठाते थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट पर अंतिम संस्कार के बाद लोग सात मोड़ क्षेत्र में स्थित एक पीपल के पेड़ के नीचे मृतकों के रजाई–गद्दे छोड़ देते हैं। आरोपी इन्हीं बिस्तरों को वहां से उठाकर उनकी रुई निकालते थे और नई रुई में मिलाकर बेचते थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।
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