केदारनाथ धाम | कपाट बंद होने के बाद जहाँ तीर्थयात्रियों की आवाजाही पूरी तरह थम गई है, वहीं धाम में पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। हिमालयी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और प्रतिकूल मौसम के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के कार्यों में कोई रुकावट नहीं आ रही है।

जानकारी के अनुसार, ट्रैक रूट, विभागीय आवास, एचटीटीपी, मंदाकिनी–सरस्वती संगम क्षेत्र का सौन्दर्यीकरण, मंदिर के पीछे शिव उद्यान पार्क और शौचालयों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में 50 से अधिक मजदूर लगातार तैनात हैं।k

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि प्रशासन की कोशिश है कि बर्फबारी शुरू होने से पहले अधिक से अधिक कार्य पूरे कर लिए जाएँ। उन्होंने कहा कि दिसंबर का पूरा महीना इसी कार्य में लगाया जाएगा।

2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त पुराने गरूड़ चट्टी पैदल मार्ग का पुनर्निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस मार्ग पर करीब 150 मजदूर काम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि 2026 की यात्रा समाप्ति तक यह मार्ग तैयार हो जाएगा। नए मार्ग के बन जाने से पैदल यात्रियों और घोड़ा–खच्चर मार्ग को अलग कर दिया जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों को सफर में अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।

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