देहरादून : देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के केहरी गांव से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां छात्रों के बीच वर्चस्व और पुरानी रंजिश ने एक बीटेक छात्र की जान ले ली। सोमवार रात को यह हिंसक झड़प उस समय शुरू हुई जब दो छात्र गुट कॉलेज में चल रही आपसी खींचतान और दबदबा कायम करने की होड़ के चलते आमने-सामने आ गए। शुरू में केवल कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया और दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों का उपयोग किया। इस हिंसक झड़प में कई छात्र घायल हुए, जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
गंभीर रूप से घायल छात्र की पहचान 22 वर्षीय दिव्यांशु जाटराना के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी था और प्रेमनगर में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। झड़प के बाद उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे दून अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में देर रात इलाज के दौरान दिव्यांशु ने दम तोड़ दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रेमनगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में युवराज कुमार (बीबीए छात्र, भोजपुर, बिहार), मधुर (बीटेक छात्र, रुद्रपुर) और शिवम शर्मा (बीटेक छात्र, पटना, बिहार) शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मामले पर जानकारी देते हुए एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के बीच मारपीट की सूचना मिली थी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस घटना ने न केवल छात्र गुटबाजी के खतरनाक स्वरूप को उजागर किया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में घटना के बाद गहरा आक्रोश और दहशत का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेज और स्कूलों में चल रही आपसी प्रतिस्पर्धा, दबदबा और रंजिश समय-समय पर हिंसक घटनाओं का रूप ले लेती है। ऐसे मामलों में प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
