बीमारी के इलाज में मदद का झांसा देकर खुलवाए बैंक खाते, साइबर ठगी में किया इस्तेमाल

विकासनगर में म्यूल अकाउंट के जरिए 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

 

विकासनगर, 22 अक्टूबर। देहरादून पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर किडनी की बीमारी से पीड़ित महिला को डायलिसिस के लिए सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा देकर बैंक खाते खुलवाने और उनका इस्तेमाल साइबर ठगी में करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो बैंक पासबुक, एक एटीएम कार्ड और एक एयरटेल सिम कार्ड बरामद किया है। जांच में सामने आया कि महिला के बैंक खाते में साइबर धोखाधड़ी के जरिए 50 हजार रुपये की धनराशि आई थी।

 

पुलिस के अनुसार, साइबर सेल देहरादून से प्राप्त म्यूल अकाउंट की सूची के आधार पर कोतवाली विकासनगर पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक की मेन रोड शाखा से संबंधित एक बैंक खाते की जांच की। समन्वय और जेएमआईएस पोर्टल के माध्यम से मिली जानकारी में पता चला कि खाते का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए किया गया था। इस संबंध में साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज थी। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 257/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।

 

सरकारी सहायता दिलाने का दिया था झांसा

 

जांच के दौरान बैंक खाते की महिला खाताधारक से पूछताछ की गई। महिला ने पुलिस को बताया कि वह किडनी की बीमारी से पीड़ित है। चमन नाम के व्यक्ति ने उसे डायलिसिस के लिए सरकारी सहायता और अन्य लाभ दिलाने का भरोसा देकर बैंक खाते खुलवाए थे। आरोप है कि इसके बाद उसने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, दस्तावेज और खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की सिम अपने पास रख ली।

 

महिला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। सर्विलांस और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने 21 अक्टूबर को विकासनगर के पुल नंबर एक से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

 

खातों में आई रकम एटीएम से निकालने का आरोप

 

पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान चमन पुत्र शांति, निवासी ग्राम ढुईक, थाना पुरोला, जिला उत्तरकाशी, उम्र 50 वर्ष के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने महिला को बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दिलाने का लालच देकर भारतीय स्टेट बैंक और केनरा बैंक, विकासनगर में खाते खुलवाए थे। आरोप है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी में किया गया और उनमें आई धनराशि आरोपी ने अपने पास रखे एटीएम कार्ड के माध्यम से निकाल ली। महिला को खातों के बदले कोई रकम नहीं दी गई।

 

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ वर्ष 2017 में कोतवाली पटेलनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्तमान मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।

 

पुलिस ने लोगों से की अपील

 

देहरादून पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक या खाते से जुड़ा सिम कार्ड किसी अन्य को न सौंपें। आर्थिक सहायता, कमीशन अथवा अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर अपराधी लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर सकते हैं। किसी भी संदिग्ध लेन-देन या साइबर गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

 

पुलिस टीम: उपनिरीक्षक सनोज कुमार और कांस्टेबल मनोज भारती, कोतवाली विकासनगर।

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