हरिद्वार |हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हरकी पैड़ी पर अब धार्मिक मर्यादा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में जगह-जगह बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर साफ तौर पर लिखा गया है कि “अहिंदू का प्रवेश पूर्णतः निषेध है।” इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए कई अन्य प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं।

ड्रोन और फिल्मी रील पर रोक

श्रीगंगा सभा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हरकी पैड़ी और मालवीय द्वीप क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा किसी भी प्रकार के फिल्मी गानों पर वीडियो या रील बनाना भी पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है।
सभा ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो या रील वायरल करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वायरल वीडियो से मचा था हंगामा

कुछ दिन पहले हरकी पैड़ी क्षेत्र में बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दो युवक अरबी वेशभूषा में घाटों पर घूमते नजर आए। वीडियो के सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों और धार्मिक संगठनों में नाराजगी फैल गई।
वीडियो में युवक खुद को दुबई का निवासी बताते हुए हरकी पैड़ी क्षेत्र में घूमते दिखाई दे रहे थे।

धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस तरह के वीडियो हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा के खिलाफ हैं और इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। उनका आरोप है कि ऐसे कृत्यों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

श्रीगंगा सभा ने दी पुलिस को सूचना

श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी पुलिस प्रशासन को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर माहौल खराब करने के लिए इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं।
वहीं सभा के सचिव उज्जवल पंडित ने कहा कि पूरे मामले की सूचना चौकी पुलिस को दी जा चुकी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि वायरल वीडियो के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रशासन व धार्मिक संस्थाएं सतर्क नजर आ रही हैं।

Spread the love
error: Content is protected !!