उत्तराखंड : भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया में चल रही खबरों से असहज होकर उन्होंने गृह सचिव को पत्र लिखकर पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर कार्रवाई की मांग की है, जिसे प्रेस की स्वतंत्रता पर दबाव के तौर पर देखा जा रहा है।

 

नोटिस में दर्जनों मीडिया प्लेटफॉर्म के नाम

 

दुष्यंत गौतम द्वारा 25 दिसंबर 2025 को भेजे गए पत्र में कई डिजिटल न्यूज़ पोर्टल, यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है। पत्र में इन प्लेटफॉर्म्स पर चल रही खबरों और वीडियो को “झूठा, दुर्भावनापूर्ण और साजिश के तहत प्रसारित” बताया गया है।

 

प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला?

 

पत्र में जिन मीडिया संस्थानों और पत्रकारों के नाम शामिल हैं, वे लंबे समय से उत्तराखंड से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग करते रहे हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ राजनीतिक पद पर बैठे नेता द्वारा सीधे गृह सचिव से हस्तक्षेप की मांग करना, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

 

कानूनी कार्रवाई की धमकी

 

दुष्यंत गौतम ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।यह मामला अब सिर्फ एक नेता और आरोपों तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता की कसौटी बनता जा रहा है।

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