समाधान दिवस में अपनों की प्रताड़ना से परेशान बुजुर्गों ने लगाई न्याय की गुहार, डीएम ने अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश
देहरादून ।कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 92 शिकायतें सामने आईं। इनमें बुजुर्गों के साथ कथित मारपीट और संपत्ति विवाद, पेंशन में देरी, जमीन पर कब्जे, आर्थिक सहायता तथा जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। डीएम ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
बुजुर्गों ने सुनाई प्रताड़ना की आपबीती
समाधान दिवस में 89 वर्षीय राजन सूद ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने गिफ्ट डीड के जरिए धोखे से उनकी पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। इसके बाद व्यवसाय शुरू करने और देखभाल का भरोसा देकर उनके खाते से 15 लाख रुपये भी ले लिए। बुजुर्ग का आरोप है कि अब बेटा उनकी देखभाल करने के बजाय उनके साथ मारपीट कर रहा है और उन्हें घर से निकालने का प्रयास कर रहा है। मामले में डीएम ने एसडीएम सदर को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, सेलाकुई निवासी 68 वर्षीय शंभू प्रसाद ने अपनी बेटी और दामाद पर संपत्ति हड़पने की नीयत से मकान में जबरन रहने और उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट करने का आरोप लगाया। जांझरा निवासी हुकम सिंह ने भी बड़े बेटे और बहू की प्रताड़ना से बचाने की गुहार लगाई। इसके अलावा, 85 वर्षीय टेक बहादुर राणा ने अपने दोनों बेटों और बहुओं पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए बेटों को संपत्ति से बेदखल करने की मांग की। डीएम ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रेमा देवी ने पारिवारिक पेंशन रोके जाने की शिकायत की। इस पर डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी को उसी दिन पेंशन की राशि खाते में हस्तांतरित करने और वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए।
अनाथ बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंद परिवारों की मदद का मामला
जनसुनवाई में आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों ने भी सहायता की मांग रखी। श्यामपुर निवासी विधवा उषा ने बताया कि पति, बेटे और बहू की मृत्यु के बाद वह अपने अनाथ पोते-पोतियों का पालन-पोषण कर रही हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है।
मालदेवता निवासी सहाय रमोला ने पति की कैंसर से मृत्यु के बाद दो छोटे बच्चों के भरण-पोषण में आ रही कठिनाइयों से अवगत कराया। वहीं, ग्राम भुड्डी निवासी महताब अली ने मस्तिष्क संबंधी बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी।
जमीन के नाम पर धोखाधड़ी, कब्जे और अवैध बिक्री की शिकायतें
बालावाला निवासी मीना देवी ने आरोप लगाया कि करीब 10 साल पहले एक प्रॉपर्टी डीलर ने गलत खसरा नंबर की जमीन दिखाकर उन्हें 451.67 वर्गमीटर भूमि बेच दी। अब उन्हें न जमीन मिल रही है और न ही उनकी रकम वापस की जा रही है। डीएम के निर्देश पर मामले में लैंड फ्रॉड के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
डालनवाला निवासी रणवीर सिंह ने अपनी जमीन पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार बनाने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए। विकासनगर के सिहनीवाला गांव निवासी नारायण सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर समस्या का समाधान करने को कहा।
अजबपुर कलां में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायत पर जिला आबकारी अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, शास्त्रीनगर के निवासियों ने आवासीय क्षेत्र में शराब, मीट और मछली की दुकानों से होने वाली परेशानियों के साथ सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत की। डीएम ने अपर जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
बिजली-पानी के बिल हर महीने जारी करने के निर्देश
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन भी किया जाए। उन्होंने बिजली और पानी के दो-तीन महीने के बिल एक साथ भेजने के बजाय हर महीने नियमित रूप से जारी करने पर जोर दिया, ताकि उपभोक्ताओं पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने सामाजिक और पारिवारिक पेंशन समय पर उपलब्ध कराने, स्ट्रीट लाइट और सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। डीएम ने बताया कि आपदा से संबंधित मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए विभागों को धनराशि जारी की जा चुकी है।
उन्होंने ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन और जनसुविधाओं से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
