हरिद्वार: चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खाद्य दुकानों पर लगातार छापेमारी के निर्देश दिए हैं, ताकि मिलावट और अधिक मूल्य वसूली पर रोक लगाई जा सके।
इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ज्वालापुर के सराय रोड स्थित फल एवं सब्जी मंडी में सघन जांच अभियान चलाया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर की गई।
फलों की गुणवत्ता की जांच
उपायुक्त खाद्य सुरक्षा (गढ़वाल मंडल) आरएस रावत के नेतृत्व में गठित टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेन्द्र पाण्डेय, कैलाश चन्द्र टम्टा, कपिल देव और मंडी निरीक्षक अजय यादव शामिल रहे। टीम ने थोक और फुटकर विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण कर तरबूज, खरबूज, आम और केले सहित विभिन्न फलों की गुणवत्ता की जांच की।
8 नमूने जांच के लिए भेजे
निरीक्षण के दौरान एथलीन गैस और एथलीन पाउच से पकाए जा रहे फलों के कुल 8 नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें विस्तृत परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में फलों को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड या कृत्रिम रंगों के उपयोग के प्रमाण नहीं मिले।
लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर नोटिस
फल पकाने वाले राइपेनिंग गैस चेम्बरों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान एथलीन गैस और पाउच बनाने वाली कुछ कंपनियों द्वारा लेबलिंग मानकों के उल्लंघन के मामले सामने आए, जिन पर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
