देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर सुर्खियों में रहीं अभिनेत्री उर्मिला सनावर मंगलवार देर रात देहरादून पहुंचीं। सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी दर्शन भारती के साथ दिल्ली से दून पहुंचीं उर्मिला ने कहा कि वह जल्द ही पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) के समक्ष पेश होकर अपने पास मौजूद साक्ष्य सौंपेंगी।
दून पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में उर्मिला सनावर ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाने और एसआईटी जांच के जरिए चुप कराने के उद्देश्य से उन्हें निशाना बनाया गया है। उर्मिला ने कहा कि वह अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े पुख्ता सबूत लेकर आई हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य अंकिता को न्याय दिलाना है। उन्होंने संकेत दिए कि वह जल्द ही एसआईटी के सामने उपस्थित हो सकती हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए खुलासों और भाजपा नेताओं पर लगाए गए आरोपों के बाद हरिद्वार और देहरादून में उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने उनके सहारनपुर स्थित आवास पर नोटिस चस्पा कर बयान और साक्ष्यों के साथ पेश होने के निर्देश दिए थे। 29 दिसंबर को फेसबुक लाइव के बाद से ही उनके देहरादून आने को लेकर सस्पेंस बना हुआ था, जो अब समाप्त हो गया है।
सशर्त नार्को टेस्ट को तैयार उर्मिला सनावर
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े साक्ष्यों को लेकर चर्चा में आईं उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट कराने के लिए सशर्त रूप से तैयार हैं। यह दावा स्वामी दर्शन भारती ने किया है। उन्होंने कहा कि उर्मिला एसआईटी के सामने अपना पक्ष और सबूत रखेगी, लेकिन उससे पहले पूर्व विधायक सुरेश राठौर को भी नार्को टेस्ट के लिए सहमति देनी होगी।
उधर, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की तहरीर पर डालनवाला थाने में दर्ज मुकदमे की जांच भी तेज कर दी गई है। इस मामले में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर पर छवि खराब करने और दंगे फैलाने की साजिश रचने के आरोप हैं। एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि मुकदमे से जुड़े सभी तथ्यों को केस डायरी में शामिल किया जा रहा है और जांच जारी है।
हाईकोर्ट से राहत के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर आए सामने
कई दिनों से अंडरग्राउंड चल रहे भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद मंगलवार रात सोशल मीडिया पर सामने आए। जारी वीडियो में राठौर ने कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान थे और अपनी पत्नी को जानकारी देकर एकांतवास में चले गए थे।
उन्होंने दावा किया कि वह पुलिस की हर जांच में पूरा सहयोग करेंगे और उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। राठौर ने कहा कि लगातार आरोपों के चलते वह मानसिक दबाव में थे, इसी कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पाए।
इससे पहले पुलिस उनके आवास पर नोटिस चस्पा कर चुकी थी और परिजनों से लंबी पूछताछ भी की गई थी। उल्लेखनीय है कि सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून में मुकदमे दर्ज हैं।
