देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को डालनवाला कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार मैनवाल ड्यूटी से गायब मिले। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से कोतवाल को लाइन हाजिर करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

मुख्यमंत्री की फ्लीट रायपुर रोड से गुजर रही थी, तभी उन्होंने अचानक डालनवाला कोतवाली पहुंचकर निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर की जांच की, जिसमें कोतवाल की गैरमौजूदगी सामने आई। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जनता की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान लॉकअप में गंदगी और अव्यवस्था देखकर मुख्यमंत्री की नाराजगी और बढ़ गई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि कोतवाली की साफ-सफाई और व्यवस्था ही प्रशासन की कार्यशैली को दर्शाती है। यहां किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है
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मुख्यमंत्री ने कोतवाली में मौजूद शिकायतकर्ताओं और महिलाओं से भी बातचीत की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि जिम्मेदारी के साथ उनका समाधान करें। इस दौरान महिला हेल्प डेस्क और एफआईआर रजिस्टर की भी गहन जांच की गई।
इलाके की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने एसएसपी को मौके पर तलब कर ट्रैफिक व्यवस्था की विस्तृत जांच और सुधार के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वर्दी पहनकर लापरवाही और जनसेवा में कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में संचालित अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी दिनचर्या, सुविधाओं और समस्याओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण और सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने स्वयं भी प्रशिक्षण केंद्र में खेल गतिविधियों में भाग लेकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग कर रही है।
