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उत्तराखंड की राजनीति में फिर से एक बार सियासी हलचल मच चुकी है ।
हालांकि समय-समय पर यह हलचल तब तब मचती है जब जब उत्तराखंड का कोई नेता केंद्र सरकार के बड़े-बड़े नेताओं से मुलाकात करने जाते है ।या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धाम अचानक दिल्ली पहुँच जाते है । अगर गुप्त सूत्रों की माने तो उत्तराखंड बीजेपी में अंदर ही अंदर काफी गुटबाजी चल रही है । दबी आवाज में कई विधायकों और बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहाड़ और कुमाऊं में भेदभाव करने का आरोप लगाया है ।
लंबे समय से मुख्यमंत्री की चाह रखने वाले धन सिंह बार-बार केंद्र सरकार के नेताओं के साथ मुलाकात कर यह जताने की कोशिश भी कर रहे हैं कि वह हर तरह से मुख्यमंत्री की कुर्सी योग्य है।
वही हरिद्वार पुराने नेता मदन कौशिक की नाराजगी भी समय पर देखने को मिली है वहीं ताजा उनका केदारनाथ तबाही के समय अचानक सपरिवार केदारनाथ हेलीकॉप्टर से यात्रा भी उनको मनाने की एक कोशिश करार दी गयी ।
आग में घी का काम पूर्व मुख्यमंत्री तीर्थसिंह रावत (जो कि कुछ दिन पूर्व भाजपा उत्तराखंड की सार्वजनिक बैठक में ही व्यंग्यात्मक रुप से कुर्सी में बैठे व्यक्तियों पर टिप्पणी कर चुके है ) की दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी संग हुई मुलाकात की खबरो ने किया है ।
हालाँकि अभी केंद्र की तरफ से उत्तराखंड में मुख्या परिवर्तन जैसे कोई संकेत नहीं दिये गये है । वही एक तरफ केदारनाथ बचाओ यात्रा पर निकली कॉन्ग्रेस ने यात्रा केदारघाटी में आई तबाही से स्थगित की है तो वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मधुर मुस्कान वाली तस्वीरों ने राजनीति गलियारों में हलचल मचाई है ।



