देहरादून। राजधानी देहरादून के पॉश बसंत विहार इलाके में बीजेपी पार्षद अमिता सिंह के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, घर में काम करने वाला नौकर भरत थापा वारदात का मुख्य आरोपी है। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस के मुताबिक, भरत का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह दिल्ली में भी डकैती के एक मामले में जेल जा चुका है।

 

पुलिस के अनुसार, भरत ने पहले खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर पार्षद, उनके पति महीपाल सिंह और बेटे को बेहोश किया। इसके बाद उसने अपने चार साथियों को घर बुलाया और लॉकर तोड़कर नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गया।

 

पीड़ित पार्षद के पति महीपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद उन्हें कब नींद आ गई, इसका पता नहीं चला। रात करीब 1:20 बजे उनकी आंख खुली तो बेडरूम में नौकर और दो अन्य लोग दिखाई दिए। उन्हें घर में लूटपाट होने का अहसास हुआ, लेकिन नशीले पदार्थ के असर के कारण वह ठीक से विरोध नहीं कर पा रहे थे। किसी तरह वह पड़ोसी के घर पहुंचे और इशारों में घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

 

परिवार के मुताबिक, बदमाश एक लॉकर में रखी करीब तीन लाख रुपये की नकदी और दूसरे लॉकर को तोड़कर करीब 30 से 40 लाख रुपये के गहने ले गए। पुलिस के अनुसार, भरत थापा को करीब 25 दिन पहले दिल्ली की एक ऑनलाइन प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से घर में काम पर रखा गया था।

 

पुलिस के मुताबिक, पार्षद की बेटी मेघा ने दिल्ली निवासी संजीव से संपर्क किया था, जिसके जरिए भरत घर में काम करने आया था। कम समय में ही उसने परिवार का विश्वास हासिल कर लिया। पुलिस के अनुसार, भरत का स्थानीय पुलिस से सत्यापन भी नहीं कराया गया था।

 

एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि भरत दिल्ली में भी इसी तरह की डकैती के मामले में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद वह अपने देश चला गया था। वहां से लौटने के बाद दूसरी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से काम हासिल कर देहरादून पहुंचा और पुलिस के अनुसार कथित तौर पर इस वारदात को अंजाम दिया।

 

पुलिस ने भरत को उपलब्ध कराने वाले दिल्ली के प्लेसमेंट एजेंट को भी पूछताछ के लिए जांच के दायरे में लिया है। पुलिस एजेंसी संचालक से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। वहीं, आरोपी के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड-नेपाल सीमा पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।

 

पुलिस टीमें आरोपी के संपर्क सूत्रों, मोबाइल सर्विलांस और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

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