चमोली: बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अब नया मोड़ सामने आया है। मामले के आरोपी प्रमोद नौटियाल की मां हेमलता नौटियाल ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से 11 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत आवेदन दाखिल कर बीकेटीसी की व्यवस्थाओं और अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। आरटीआई सामने आने के बाद बीकेटीसी में भी हलचल बढ़ गई है।

 

पीए की ड्यूटी को लेकर मांगी जानकारी

 

हेमलता नौटियाल ने आरटीआई में वैयक्तिक सहायक (पीए) की ड्यूटी और जिम्मेदारियों को लेकर सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा है कि पीए की ड्यूटी किस अधिकारी के आदेश पर लगाई गई थी और क्या प्रोटोकॉल ड्यूटी उसके निर्धारित पदीय दायित्वों में शामिल है।

 

आरटीआई में संबंधित आदेश, ड्यूटी चार्ट और इससे जुड़े अभिलेखों की जानकारी भी मांगी गई है। इसके अलावा गणना, प्रोटोकॉल और अन्य जिम्मेदारियों में अधिकारियों की भूमिका से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

 

संविदा पर तैनात विधि अधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल

 

आरटीआई में बीकेटीसी में संविदा पर कार्यरत विधि अधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आवेदन में पूछा गया है कि विधि अधिकारी की नियुक्ति किस नियम के तहत की गई और इसके लिए शासन से अनुमति ली गई थी या नहीं।

 

विधि अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारियों और उनकी भूमिका से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं।

 

लेखा और प्रोटोकॉल कार्य को लेकर उठे सवाल

 

आरटीआई में गणना, लेखा और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। सूत्रों के अनुसार, वैयक्तिक सहायक के निर्धारित दायित्वों में लेखा और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

 

ऐसे में आरटीआई के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को ये जिम्मेदारियां किस आधार पर सौंपी गई थीं और इसके लिए किस स्तर से आदेश जारी हुए थे।

 

बीकेटीसी ने कहा- नियमानुसार उपलब्ध कराएंगे सूचना

 

बीकेटीसी के सूचना अधिकारी राजन नैथानी ने आरटीआई मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आवेदन में मांगी गई सूचनाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी की मां की ओर से दाखिल की गई इस आरटीआई के बाद अब बीकेटीसी से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे मंदिर में चढ़ावे की गणना, प्रोटोकॉल ड्यूटी और अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े कई पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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