उत्तराखंड। उत्तराखंड में एक अप्रैल से शराब की कीमतों में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी गई है। आबकारी विभाग ने नए वित्त वर्ष के लिए संशोधित रेट जारी कर दिए हैं। सरकार ने दिसंबर में एक्साइज ड्यूटी में बदलाव किया था, जिसे बाद में कैबिनेट में लाया गया। अब नए वित्त वर्ष के तहत कीमतों में इजाफा लागू किया जा रहा है।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि यह वार्षिक बढ़ोतरी है। राज्य में तीन साल के लिए आबकारी नीति बनाई गई है और अगली नई नीति वर्ष 2028 में तैयार की जाएगी। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रति बोतल ₹5 से ₹20 तक की वृद्धि की गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी शराब के दामों में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई थी।
नैनीताल जिले में नई दुकानों का विरोध
सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट ने नैनीताल जिले के रातीघाट, मंगोली और बजून में प्रस्तावित शराब की दुकानों का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इन दुकानों के ठेके निरस्त करने की मांग की है। भट्ट ने कैंची धाम के निकट शराब की दुकान खोले जाने को जनभावनाओं के विपरीत बताया है।
सांसद भट्ट ने मुख्यमंत्री से दूरभाष पर भी वार्ता की और पत्र के माध्यम से इन दुकानों को तत्काल निरस्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रातीघाट, मंगोली और बजून प्रमुख ग्रामीण बाजार क्षेत्र हैं, जहां आसपास के गांवों के लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आते हैं। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां शराब की दुकान खोलना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों के साथ शहीद संजय बिष्ट राजकीय इंटर कॉलेज भी स्थित है। शिक्षण संस्थानों के समीप मदिरा की दुकान खुलने से छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
