देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़े नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब लिव-इन रिलेशनशिप और पहचान पत्रों से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले से काफी आसान हो गई हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (चतुर्थ संशोधन) नियमावली को मंजूरी दी, जिसके बाद गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी।

 

अब कई पहचान पत्र होंगे मान्य

पहले UCC पोर्टल पर पंजीकरण के लिए केवल आधार कार्ड ही मान्य था, लेकिन अब पहचान के लिए पासपोर्ट, वोटर आईडी, राशन कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और सरकार द्वारा जारी अन्य वैध पहचान पत्रों को भी मान्यता दी गई है।
सरकार के मुताबिक, इससे लोगों को दस्तावेज़ी दिक्कतों से राहत मिलेगी और पंजीकरण प्रक्रिया तेज़ व पारदर्शी बनेगी।

लिव-इन रिलेशनशिप के लिए सुरक्षा उपाय सख्त

लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर जांच पूरी की जाएगी।अगर आवेदन अस्वीकृत होता है, तो अधिकारी को यह स्पष्ट करना होगा कि आवेदक 45 दिनों के भीतर अपील कर सकता है।पहले यह अवधि 30 दिन थी।

इसके अलावा, सरकार ने लिव-इन में रहने वाले जोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए प्रावधान जोड़े हैं ताकि किसी भी तरह का शोषण या विवाद होने पर कानूनी सहायता तुरंत दी जा सके।

विवाह और उत्तराधिकारी पंजीकरण में भी बदलाव

नई नियमावली के अनुसार, विवाह पंजीकरण या विधिक उत्तराधिकारी की घोषणा के मामलों में उप-निबंधक (Sub-Registrar) को आवेदकों से अतिरिक्त जानकारी मांगने के लिए अब 5 दिन का समय दिया गया है।
वहीं, जरूरी मामलों में यह समय 24 घंटे का होगा ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि नई नियमावली को मुख्यमंत्री ने विचलन प्रक्रिया के तहत मंजूरी दी है और इसे अगली कैबिनेट बैठक में औपचारिक स्वीकृति के लिए लाया जाएगा।

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