देहरादून: उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल राज्य के विकास का रोडमैप पेश किया, बल्कि 2027 विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा का एजेंडा भी स्पष्ट कर दिया।

एफआरआई मैदान में दिए गए अपने 29 मिनट के संबोधन में उन्होंने साफ कहा कि आने वाले वर्षों में “विकास” और “सनातन संस्कृति” भाजपा की राजनीति के मुख्य आधार होंगे।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने हर चुनौती के बावजूद विकास की गति को रुकने नहीं दिया।पीएम मोदी ने कहा कि कई बार रास्ते में बाधाएं आईं, लेकिन भाजपा की मजबूत सरकार ने सुनिश्चित किया कि विकास को ब्रेक न लगे।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तराखंड अब “उत्कर्ष के कालखंड” में प्रवेश कर चुका है और यह दशक “उत्तराखंड का दशक” साबित होगा।

 

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में राज्य के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी झलकता रहा। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान 66 बार ‘उत्तराखंड’ शब्द का प्रयोग किया।

उन्होंने कहा ,“उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने वर्षों तक जिस सपने को देखा था, अटलजी की सरकार ने उसे साकार किया। आज वह तपस्या सफल हुई है।”

 

मोदी ने कहा कि जब वह आध्यात्मिक यात्राओं के दौरान उत्तराखंड आए, तब यहां के लोगों की मेहनत, संघर्ष और समर्पण ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैंने ‘उत्तराखंड दशक’ कहा था, वह सिर्फ एक नारा नहीं था । मुझे यहां के लोगों की क्षमता और लगन पर पूरा भरोसा था,।अब भाजपा के लिए यह संबोधन एक राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

राज्य में भले ही चुनाव 2027 में होने हैं, लेकिन मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता और पीएम मोदी के इस भाषण ने साफ कर दिया है कि पार्टी अब चुनावी मोड में है।

आने वाले वर्षों में भाजपा का फोकस विकास, सनातन संस्कृति और आत्मनिर्भर उत्तराखंड पर रहेगा।

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