चारधाम यात्रा अपडेट। उत्तराखंड में इस साल के चारधाम यात्रा की तैयारियों के लिए प्रशासन ने कई नए निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों को यात्रा के दौरान जाम, भीड़ या अन्य आपात स्थितियों की जानकारी व्हाट्सऐप पर तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही यात्रा रोकने का अधिकार कमिश्नर गढ़वाल को होगा।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने गुरुवार को यात्रा तैयारियों की समीक्षा करते हुए एसओपी जारी करने और यात्रा मार्ग पर पशुओं के पंजीकरण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स से समन्वय बनाए रखने और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यावहारिक योजना तैयार करने को कहा। प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाकर यात्रियों को आसपास की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
चारधाम यात्रा का किराया स्थिर
श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर यह है कि इस साल चारधाम यात्रा का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने गुरुवार को परिवहन कंपनियों की बैठक में इस निर्णय की पुष्टि की। ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए किराया इस प्रकार रहेगा:
एक धाम: 1,680 रुपये
दो धाम: 2,480 रुपये
तीन धाम: 3,480 रुपये
चार धाम: 4,250 रुपये
हरिद्वार से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराया क्रमशः 1,900, 2,690, 3,680 और 4,450 रुपये रहेगा।
व्यवस्थाओं में समन्वय और बेहतर सुविधा
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था कार्यालय की बैठक में तय किया गया कि उत्तराखंड में पंजीकृत सभी बसें रोटेशन व्यवस्था के तहत ही संचालित होंगी। इस योजना के तहत 10 परिवहन कंपनियों की लगभग 2,200 बसें यात्रियों को चारधाम तक पहुंचाने के लिए तैयार रहेंगी। समिति का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है।
यह व्यवस्था पिछले सालों के अनुभव और चुनौतियों के आधार पर तैयार की गई है, ताकि इस बार भी चारधाम यात्रा सुचारु और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
