राजधानी देहरादून की नाइट लाइफ और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक बड़ी मुहिम शुरू की है। इस अभियान का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। एसएसपी की सख्ती और प्रभावी समन्वय के बाद जिले के 50 प्रमुख पब, बार, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लगे सीसीटीवी कैमरों का सीधा एक्सेस (Access) देहरादून पुलिस को उपलब्ध करा दिया है।

अब इन प्रतिष्ठानों के भीतर और बाहर होने वाली हर गतिविधि पर पुलिस कंट्रोल रूम से 24×7 सीधी नजर रखी जा रही है।

एसएसपी दून का मास्टर प्लानः तकनीक से अपराध पर वार

एसएसपी देहरादून ने जनपद की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पिछले दिनों पब, बार और होटल स्वामियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी की थी। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में, एक विशेष टेक्निकल टीम का गठन किया गया, जिसका कार्य प्रतिष्ठान स्वामियों के साथ समन्वय

 

कंट्रोल रूम से होगी लाइव मॉनिटरिंग

पुलिस द्वारा अब तक 50 प्रतिष्ठानों का एक्सेस प्राप्त कर लिया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभयह होगा किः तत्काल कार्रवाई: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या झगड़े की स्थिति में पुलिस कंट्रोल रूम से तुरंत रिस्पॉन्स टीम भेजी जा सकेगी। नियमों का पालनः समय सीमा के बाद पब/बार संचालन या अन्य नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी अंकुश लगेगा। जांच में तेजी: किसी अप्रिय घटना के घटित होने पर पुलिस को फुटेज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि लाइव और रिकॉर्डेड डेटा के माध्यम से त्वरित जांच सुनिश्चित होगी।

 

व्यापारियों का मिला सकारात्मक सहयोग

शुरुआत में सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर कुछ संशय थे, लेकिन एसएसपी दून की इस मुहिम को शहर के व्यापारियों और होटल स्वामियों ने सुरक्षा की दृष्टि से एक ‘सकारात्मक कदम’ बताया है। सभी संचालकों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। पुलिस की विशेष टीम वर्तमान में शेष बचे प्रतिष्ठानों के संचालकों से संपर्क साध रही है ताकि जल्द ही पूरे शहर के पब और बार नेटवर्क को पुलिस ग्रिड से जोड़ा जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था होगी और भी मजबूत

 

‘ऑपरेशन प्रहार’ के माध्यम से पुलिस का लक्ष्य केवल डराना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। एसएसपी देहरादून के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस मिलने से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में डर पैदा होगा और आम नागरिकों, विशेषकर महिआ और पर्यटकों को सुरक्षित महसूस होगा।

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