देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुस्लिम यूनिवर्सिटी संबंधी बयान पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर कोई बयान दिया है, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा जानबूझकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2002 में कांग्रेस सरकार के दौरान शैक्षिक संस्थानों के लिए भूमि लीज पर दी गई थी, जो कि सरकारों द्वारा पूर्व में भी किया जाता रहा है। लेकिन भाजपा इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
अडानी-अंबानी को जमीन देने पर चुप्पी क्यों?
प्रीतम सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकारें अडानी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को जमीन देती हैं, तब भाजपा को कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब शिक्षा संस्थानों के लिए जमीन दी जाती है तो इसे मुद्दा बनाया जाता है।
डाकपत्थर और जॉर्ज एवरेस्ट में जमीन घोटाले का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि डाकपत्थर क्षेत्र में कौड़ियों के दाम पर जमीन बेची गई, जिसमें बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। इसके साथ ही मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में अरबों रुपये की संपत्ति को बेहद सस्ते दामों पर देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भाजपा के पास चुनावी मुद्दों का अभाव
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे संवेदनशील विषयों को उछालकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
