देहरादून: बेसिक शिक्षा निदेशक से कथित मारपीट के मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से वार्ता के बाद भी आंदोलनकारी नहीं माने और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
निदेशालय में कार्य बहिष्कार, धरना जारी
सोमवार को शिक्षा विभाग में निदेशक स्तर से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक ने कार्य बहिष्कार कर निदेशालय परिसर में धरना दिया। धरनास्थल पर आयोजित सभा में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मामले के मुख्य आरोपी विधायक हैं और उनकी गिरफ्तारी हर हाल में होनी चाहिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मंगलवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। सुबह 11 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सीएम से वार्ता, लेकिन गिरफ्तारी पर स्पष्टता नहीं
संयुक्त मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हुई वार्ता का विवरण साझा किया। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, विधायक द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच आकर सार्वजनिक माफी, तथा सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा के लिए सख्त एसओपी बनाने की मांग रखी।
मोर्चा अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी, एसएसपी देहरादून और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी बातचीत की, लेकिन गिरफ्तारी के मुद्दे पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन से मुलाकात कर दफ्तरों में सुरक्षा व्यवस्था और एसओपी लागू करने पर चर्चा की, मगर ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
मोर्चा के महामंत्री मुकेश बहुगुणा ने कहा कि सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मीडिया प्रभारी संजय भास्कर ने बताया कि कोर कमेटी की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
दफ्तरों में सुरक्षा के लिए एसओपी बनेगी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव को सुरक्षा के लिए विस्तृत एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्मिकों के मान-सम्मान और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
