हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती समारोह श्रृंखला के तहत गुरुवार को हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है।
सैनिक परिवारों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शहीद सैनिकों की वीर नारियों, युद्ध दिव्यांग सैनिकों और सेवामुक्त सैनिकों को आवास निर्माण के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता दो लाख से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये कर दी गई है।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में सैनिक कल्याण विभाग का पुनर्गठन किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ हर सैनिक परिवार तक पारदर्शी तरीके से पहुँच सके।
धामी ने यह भी घोषणा की कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में नए सैनिक कल्याण भवन बनाए जाएंगे। साथ ही, शहीद सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है।
“सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह सदैव सैनिक रहता है”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा,सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल है। सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है। वे देशभक्ति के प्रतीक हैं।”उन्होंने कहा कि सैनिकों के त्याग और पराक्रम से ही देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट द्वारा उनके पिता की तस्वीर भेंट किए जाने पर मुख्यमंत्री भावुक हो गए।
कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा, जब हमारी सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी गौरवपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कर रही थी, तब कुछ लोग ऐसे बयान दे रहे थे जो हमारे जवानों के मनोबल को ठेस पहुँचाते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और टुकड़े-टुकड़े गैंग का साथ देने वाले लोगों को जनता सबक सिखाएगी और देश को तोड़ने की मंशा कभी सफल नहीं होगी।
कार्यक्रम में मौजूद रहे
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, अनेक पूर्व सैनिक, वीर नारियाँ और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं का स्वागत किया और राज्य सरकार की सराहना की।
