कोटद्वार। ‘मोहम्मद दीपक’ नाम को लेकर देशभर में चर्चा में आए कोटद्वार निवासी दीपक कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दो दिन पहले जहां दीपक को जान से मारने वाले को दो लाख रुपये का इनाम घोषित करने वाला वीडियो वायरल हुआ था, वहीं अब हिंदू रक्षा दल के नेता पिंकी चौधरी का धमकी भरा वीडियो सामने आया है, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।
वायरल वीडियो में पिंकी चौधरी कथित तौर पर दीपक कुमार को खुलेआम धमकी देते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि, “इस दीपक का मुल्लापन हम जाकर निकालेंगे…”। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिंदू रक्षा दल पूरी ताकत के साथ कोटद्वार कूच कर रहा है और दीपक को सबक सिखाया जाएगा। इस बयान के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
26 जनवरी की घटना से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला 26 जनवरी को कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित ‘बाबा’ नामक कपड़ों की दुकान को लेकर शुरू हुआ था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुकान के नाम को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसी दौरान दुकान मालिक वकील अहमद और उनके बेटे के मित्र दीपक कुमार के साथ झड़प और मारपीट की घटना सामने आई। आरोप है कि इसी दौरान दीपक ने स्वयं को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को वहां से जाने को कहा, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
पहले भी सामने आ चुका है जान से मारने की धमकी वाला वीडियो
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने दीपक कुमार को जान से मारने वाले को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इस मामले में दीपक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस की तकनीकी जांच में वीडियो पोस्ट करने वाले युवक की पहचान बिहार के मोतीहारी निवासी उत्कर्ष कुमार सिंह के रूप में हुई। इसके बाद बिहार पुलिस के सहयोग से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि वह सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए ऐसा वीडियो पोस्ट कर रहा था, क्योंकि दीपक का मामला लगातार ट्रेंड कर रहा था।
पुलिस अलर्ट, बढ़ाई गई सुरक्षा
लगातार सामने आ रही धमकियों और वायरल वीडियो को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। दीपक कुमार की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने और धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने कोटद्वार समेत पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया पर फैल रही नफरत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
