देहरादून/लक्सर। साइबर अपराधियों की नई-नई चालें लोगों को लगातार ठग रही हैं। देहरादून और लक्सर की दो घटनाएं जागरूकता की दो अलग-अलग तस्वीर पेश करती हैं।एक तरफ देहरादून में डिप्टी एसपी एआई डीपफेक वीडियो का शिकार होकर दो लाख रुपये गंवा बैठे, जबकि दूसरी ओर लक्सर में गांव के प्रधान की सतर्कता ने गांव वालों की गाढ़ी कमाई बचा ली।
फर्जी डीपफेक वीडियो से शुरू हुई ठगी, डिप्टी एसपी ने गंवाए 2 लाख रुपये
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एआई से बनाया गया फर्जी वीडियो देखकर उत्तराखंड पुलिस के डिप्टी एसपी रविकांत सेमवाल ठगी का शिकार हो गए।
पटेलनगर कोतवाली में बुधवार को इस मामले में केस दर्ज किया गया है।
ठगों नेवित्त मंत्री का डीपफेक वीडियो बनाकर फेसबुक पर “विक्सो ट्रेड” नाम के फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का विज्ञापन चलाया,वीडियो में मंत्री प्लेटफॉर्म की तारीफ करती दिख रही थीं। जिसके बाद सात अक्टूबर को बंजारावाला निवासी सेमवाल इस विज्ञापन पर भरोसा कर बैठे। उन्होंने अपनी जानकारी दर्ज की और फिर विदेशी नंबर से फोन आया।पहले उन्हें छोटी रकम निवेश करवाई गई ,18,803 रुपये, फिर भरोसा बढ़ाने के लिए 1,687 रुपये का फर्जी मुनाफा वापस भेजा गया।
इसके बाद सेमवाल ने झांसे में आकर 2 लाख रुपये राशिद नाम के व्यक्ति के खाते में भेज दिए।जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की, तो खाते से रूपए वापस नहीं मिले और ठगी का पता चला।
लक्सर में सरकारी योजना के नाम पर ठगी की कोशिश
लक्सर के मुंडाखेड़ा खुर्द गांव में साइबर ठगों ने एक नई चाल चली। उन्होंने लोगों को फोन कर बताया कि केंद्र सरकार ने “नई योजना” शुरू की है, जिसमें हर परिवार के एक सदस्य को 11,000 रुपये दिए जाएंगे।
ठगों ने दावा किया योजना के लिए “ऑनलाइन पंजीकरण” कराना होगा,पैसा तीन से चार दिन में बैंक खाते में आएगा और दो हफ्तों में गांव के 20 से ज्यादा लोगों के पास ऐसे कॉल आए।
प्रधान की सतर्कता से बची गांव की कमाई
गांव के प्रधान सहदेव परमार को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत लोगों को सावधान किया।
इससे पहले दो ग्रामीण ठगों को कुछ जानकारी दे चुके थे, जिनके खातों से एक के खाते से 50,000 रुपये,दूसरे के खाते से 4,000–5,000 रुपये निकाले जा चुके थे।
प्रधान ने तुरंत मुनादी करवाई और पूरे गांव को चेतावनी दी, जिससे बाकी लोगों की गाढ़ी कमाई ठगों के हाथ लगने से बच गई।
