देहरादून। जौनसार-बावर क्षेत्र के लोगों ने बूढ़ी दीवाली के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है। लोगों का कहना है कि यह त्योहार क्षेत्र की संस्कृति और परंपरा से जुड़ा प्रमुख पर्व है, जो मुख्य दीवाली के एक माह बाद मनाया जाता है।
क्षेत्र की पहचान है बूढ़ी दीवाली
जौनसार-बावर और रवांई घाटी में हर वर्ष मुख्य दीपावली के लगभग एक माह बाद बूढ़ी दीवाली धूमधाम से मनाई जाती है।इस दिन गांवों में पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और सामूहिक भोज का आयोजन किया जाता है। लोग अपने घर-परिवार से मिलने के लिए गांव लौटते हैं, जिससे यह पर्व एकता का प्रतीक बन जाता है।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि बूढ़ी दीवाली पूरे जौनसार बावर इलाके का सबसे बड़ा त्योहार है, इसलिए उस दिन सरकारी अवकाश घोषित किया जाना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति अपने परिवार के साथ इसे मना सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में बाबू राम शर्मा, ग्यारू सिंह, बारू चौहान और मुकेश पंवार सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि स्थानीय संस्कृति के सम्मान में इस पर्व को आधिकारिक मान्यता दी जाए।
