उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अधिकारी 12 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशनों का निरीक्षण करेंगे.
देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा. इसके तहत मतदान केंद्रों की भवन स्थिति और मतदाताओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी. दरअसल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मंगलवार को सभी जिलों के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान (SSR) की तैयारियों और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की प्रगति की समीक्षा की गई.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर मतदान केंद्र का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया जाए. जिन भवनों की हालत जर्जर पाई जाए, वहां के मतदान केंद्र को नजदीकी सरकारी भवन में स्थानांतरित करने की विधिवत प्रक्रिया अपनाई जाएगी. निरीक्षण के दौरान बिजली, पेयजल, शौचालय, रैम्प और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता करने को कहा गया. ताकि मतदान के दिन खासकर दिव्यांग, बुजुर्ग और महिला मतदाताओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.
मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए आगामी 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध और संबंधी के नाम संबंधी विवरण की फिर से जांच की जाएगी. अगर किसी मतदाता के विवरण में कोई त्रुटि या कमी है, तो उसके संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरा जाएगा. इसके साथ ही पात्र नए मतदाताओं को सूची में जोड़ने और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी. प्रदेश में 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा. इसी दिन ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.
तय कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी. 28 दिसंबर 2026 तक इन पर सुनवाई और निस्तारण किया जाएगा और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी. राजनीतिक दलों को बताया गया कि दावा-आपत्ति अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन दे सकता है. वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन काल में कोई व्यक्तिगत मतदाता प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन कर सकेगा.
आगामी चुनाव के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया चल रही है. इसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे. मतदान केंद्रों की तैयारी, मतदाता सूची का सुधार और मशीनों की जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि विधानसभा चुनाव 2027 के लिए चुनावी व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहे.
-डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी-
लाइसेंसी हथियारों का सत्यापन और जमा कराने के निर्देश: हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने लाइसेंसी शस्त्रों का सत्यापन कर नियमानुसार जमा कराने, मतदान केंद्रों और बूथों का सत्यापन कर दो दिन के भीतर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. बैठक में जिले के सभी उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को बूथ स्तर तक की तैयारी सुधार करने को लेकर निर्देश दिए गए. निर्वाचन को लेकर भविष्य में होने वाले प्रशिक्षण को लेकर भी समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया.
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि, निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं. अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में लाइसेंसी शस्त्रों का सत्यापन कराया जाए और नियमानुसार उन्हें जमा कराने की कार्रवाई की जाए. दुकानदारों और बैंकों में तैनात सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद लाइसेंसी शस्त्रों के संबंध में भी आवेदन पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए.
डीएम ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों और बूथों की स्थिति का सत्यापन कराने को कहा. उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में बूथों पर उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच कर दो दिन के भीतर सूची उपलब्ध कराएंगे.
इसके साथ ही सहायक रिटर्निंग अधिकारियों और जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती से संबंधित सूची तैयार करने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं और दिशा-निर्देशों पर समन्वय स्थापित करने को कहा. डीएम ने अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखने और इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए. कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभाग सतर्कता के साथ काम करें.
