देहरादून। पूर्व-अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। आने वाले समय में राज्य सरकार की नौकरियों में भर्ती के दौरान पूर्व-अग्निवीरों को लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में विशेष छूट मिल सकती है।केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद उत्तराखंड शासन ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि भर्ती नियमों में आवश्यक बदलाव कर प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
केंद्रीय गृह सचिव की ओर से उत्तराखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूर्व-अग्निवीरों के लिए भर्ती नियमों में विशेष प्रावधान करने की सिफारिश की गई है। गृह मंत्रालय का मानना है कि अग्निवीर पहले ही सेना की कठोर चयन प्रक्रिया और गहन प्रशिक्षण से गुजर चुके होते हैं। ऐसे में उनके पास अनुशासन, शारीरिक क्षमता और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कौशल पहले से मौजूद हैं।
🔴 इन सरकारी पदों पर मिल सकता है फायदा
उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों को पहले से ही पुलिस आरक्षी, उपनिरीक्षक, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, आबकारी सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे ग्रुप-सी पदों पर आरक्षण का लाभ मिल रहा है।इसके अलावा भारतीय रिजर्व बटालियन, एसडीआरएफ, वन्यजीव रक्षक और खनन रक्षक जैसे पदों पर भी पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में कदम तेज करने पर जोर दिया गया है।
🔴 केंद्र ने मांगा खाली पदों का पूरा ब्योरा
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती के लिए उपलब्ध रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी भी मांगी है। इसके लिए सरकार को एक निर्धारित प्रारूप दिया गया है, जिसमें महीनेवार, पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण देना होगा।सूत्रों के मुताबिक, कार्मिक विभाग अन्य संबंधित विभागों के साथ इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर रहा है और नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो सेना से सेवा पूरी कर बाहर आने वाले पूर्व-अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों का रास्ता और आसान हो सकता है
